वैदिक ज्योतिष के अनुसार - कुंडली में कई प्रकार के दोष बताये गए है, इन्ही दोषो में एक दोष होता है, मांगलिक दोष जिसे मंगल दोष कुज दोष, भौम दोष, अंगारखा दोष भी कहते है। 

ये दोष जिस व्यक्ति की कुंडली में होता है वह मांगलिक कहलाता है.

ये दोष तब बनता है जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली, लग्न/चंद्र कुंडली आदि में मंगल ग्रह, लग्न से लग्न में (प्रथम), चतुर्थ, सप्तम, अष्टम तथा द्वादश भावों में से कहीं भी स्थित हो, तो उसे मांगलिक कहते हैं। 

लेकिन उसमे मंगल दोष है या नहीं इसके लिए हमे अन्य ग्रहो की स्तिथि देखनी पड़ती है। 

इस दोष को विवाह के लिए अशुभ माना जाता है। 

जब भी किसी की शादी की जाती है तो सबस पहले कुंडलियां मिलाई जाती है। क्योंकि ज्योतिष और नक्षत्रों का बहुत ही पुराना नाता है। विवाह के लिए कुंडली मिलाते समय सबसे पहले मांगलिक दोष को मुख्‍यत: देखा जाता हैं। इस मुद्दे पर काफी गौर किया जाता है।

क्यूंकि यह एक ऐसा दोष है जो कुंडली के मंगल ग्रह से जुड़ा होता है।

मंगल ग्रह या मंगल ज्योतिष के अनुसार बिजली, ताकत, साहस और आक्रामकता का ग्रह है |ज्योतिष की दृष्टि से मंगल ग्रह को एक क्रूर ग्रह के रूप में देखा जाता है, तथा मंगल ग्रह को भगवान के रूप में माना जाता है | 

मंगल दोष को विवाह के लिए अमंगलकारी इसलिए कहा जाता है।क्यूंकि इससे वैवाहिक जीवन में परेशानी, तनाव, तलाक आदि की वजह माना जाता है। कुछ खास परिस्थितियों में इस दोष को पति-पत्नी में से किसी एक की मृत्यु का कारण भी माना जाता है।

इसीलिए मांगलिक होने के साथ साथ मंगल दोष है या नहीं इसके लिए कुंडली का निर्णय बारिकी से किया जाना चाहिऐ .

क्यूंकि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 
80 % कुण्डलियो में मंगल 1,4,7,8 ,12 भाव में होता है जिसका अर्थ है की वह व्यक्ति मांगलिक है.

इनमे से 50% लोगो का दोष किसी न किसी वजह से खतम हो जाता है, 

अधिकतर ज्योतिष आपकी कुंडली के लगन चार्ट में 1,4,7,8 ,12 भाव में मंगल को देखते है तो मांगलिक दोष बताते है 

अगर आपकी कुंडली के 7,8 भाव में मंगल हो तो आपको high मांगलिक और 
अगर 1,4,12 में मंगल हो तो वो आपको low मांगलिक बताते है

जिसकी बजह से लोग इस दोष को दूर करने के लिए उल्टे-सीधे उपाय करने लगते हैं, जिससे समस्याएं कम होने की बजाय कई गुना बढ़ जाती हैं.

आपकी कुंडली के लगन चार्ट में 1,4,7,8 ,12 भाव में मंगल है यानि की आप मांगलिक है पर इसका मतलब ये नहीं है की आपमें मांगलिक
दोष है इसके लिए आपको जानना जरूरी होता है की आपमें मांगलिक दोष है या 
नहीं तो आज ही Foresight से अपनी कुंडली की जांच करवाए. 

Foresight में हम मंगल के साथ साथ और भावो को भी देखते है जैसे चन्द्र , शुक्र ,बुध किस भाव में है , क्यों की चन्द्र , शुक्र ,बुध मंगल दोष को समाप्त कर देता है | यही कारण है की मंगल आप की कुंडली में (1,4,7,8 ,12 ) भाव में होने से भी, आप में मांगलिक दोष नहीं होता - जिसका यह अर्थ है की आप मांगलिक नहीं है |

अगर आप भी विवाह सम्बंन्धन ,विवाह सम्बन्ध तय होकर छूट जाना, विवाह न होना , विवाह के समय विघ्न आना, विवाह पश्चात जीवन साथी से विवाद आदि बातो से परेशान है तो आज ही चेक करे की आपकी कुंडली में मंगल दोष है या नहीं क्यूंकि ये समस्याए मंगल दोष के कारण ही आती है। 

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