आज के समय में अधिकतर लोगो का यही प्रश्न होता है की मेरी जॉब लगेगी या नहीं ? जॉब में प्रमोशन होगा क्या ? मेरी शादी कब होगी ? मुझे बिज़नेस करना चाहिए क्या ? या मेरा आने वाला भविस्य कैसा होगा? क्या मेरी Kundli में धन का योग, Raajyog और विदेश जाने का योग है या नहीं ?  मेरी Kundli में विवाह का योग कब बन रहा है आदि. 

vedic astrology में ये सब जानने के लिए Janamkundli में जन्म लग्न, Navmans, षोडशवर्ग, नक्षत्र, ग्रह के अंश और विंशोत्तरी दशा अन्तर्दशा आदि का अध्ययन करना जरूरी होता है |

जन्म कुंडली एक व्यक्ति के व्यक्तित्व, वर्तमान और भविष्य की जानकारी प्रदान करती है।Kundli के माध्यम से एक व्यक्ति आसानी से अच्छे समय और बुरे समय को जान सकता है और उस तरह से कार्य कर सकता है।

आपके जीवन में जो भी होता है वो आपकी कुंडली में गृह Nakshatr की स्तिथि के अनुसार होता है, और जब Kundli के किसी भाव में जब दो या दो से अधिक गृह की युति हो, और या किसी गृह में दूसरे गृह की शुभ दृष्टि पद रही हो तो  तो आपकी कुंडली में Yog बनता है। 

vedic astrology के अनुसार, योग व्यक्ति के Janamkundli  में उपस्थित विशिष्ट ग्रहों के संयोजन को संदर्भित करता है जो कि उसके जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालता है.Yog का प्रभाव व्यक्ति के लिए न केवल फायदेमंद हो सकता है बल्कि यह हानिकारक भी हो सकता है।

Kundli में ऐसे अनेक योग होते हैं जो व्यक्ति को जमीन से उठाकर शीर्ष तक पहुंचा सकते हैं और कई ऐसे योग भी होते हैं जो व्यक्ति को शीर्ष से फर्श पर लाकर पटक देते हैं। निश्चित रूप से कर्म की अपनी महत्ता है लेकिन भाग्य का साथ होना भी आवश्यक है।

vedic astrology  के अनुसार सौ से अधिक Yog हैं, जिनके पास व्यक्ति के जीवन में विशिष्ट परिणाम उत्पन्न करने की शक्ति है।इनमे से कुछ शुभ फल देते है और कुछ अशुभ फल|

आज यहां हम एक ऐसे योग  के बारे में बता रहे है ज‌िनके Kundli में होने का मतलब है व्यक्त‌ि धनवान होने के साथ ही महान व्यक्त‌ित्व का भी स्वामी होगा।
यह योग प्रसिद्ध Dhanyogo में से एक योग है. 

जैसे की Gajkesari Yog जिसको अत्यंत शुभ और फलदायी योग के रूप में मान्यता प्राप्त है.

यदि किसी की Kundli में Gajkesari Yog बनता है तो उस जातक को गज यानि हाथी के समान शक्‍ति और धन-वैभव की प्राप्‍ति होती है। वह बुद्धिमान और दीर्घायु होता है।

यह Yog तब बनता है जब किसी की कुंडली में बृहस्पति चंद्रमा से केंद्र में हों अर्थात चंद्रमा से गिनने पर यदि बृहस्पति 1, 4, 7 अथवा 10 वें घर में स्थित हों तो ऐसी कुंडली में Gajkesari Yog बनता है.

सबसे अच्छा Gajkesari Yog तब बनता है जब गुरु + चन्द्रमा की युति एक ही भाव मे हो यह योग शुभा – शुभ माना जाता है.

अधिकतर यह योग बड़े बड़े राजनेता ,मंत्री, विधायक बड़े बड़े व्यापारी अभिनेता , उच्च पद पर आसीन जातक की Kundli मे ज्यादा देखा जाता है. 

कुंडली में यह योग का शुभ और अशुभ फल कुंडली के भावों, Rashi , नक्षत्र और गुरु की स्थिति पर निर्भर करता है।
क्योंकि इस योग का फल Bhav, राशि, नक्षत्र और की गुरू की पोजीशन के आधार पर मिलता है।

आप अपनी Kundli के द्वारा बहुत कुछ जान सकते है जैसे की - 

  • आप आसानी से अपने भविष्य की भविष्यवाणी कर सकते हैं।
  • आप सबसे उपयुक्त कैरियर विकल्प का अनुमान कर सकते हैं। यह आपके व्यक्तित्व लक्षण और संकेतों पर निर्भर करता है।
  • इसमें आपको अपने व्यक्तित्व लक्षण, रिश्ते, कैरियर, वित्त और जीवन के अन्य पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी दे सकती है।
  • आप अपने भविष्य के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, समस्याओं की गहराई को कम करने के लिए उपाय और समाधान भी पा सकते हैं
  • इसमें आप अपनी कुंडली के सारे अच्छे और बुरे योग (राजयोग, धनयोग, विवाहयोग ) आदि के बारे में जान सकते है. 
  • कुंडली जीवन में अनुकूल और प्रतिकूल समय की जानकारी भी प्रदान करती है।
  • आप जीवन में अपनी ताकत और कमजोरियों को भी जान सकते हैं। अतः आप अंततः एक बेहतर व्यक्ति बन सकते है. 

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Gaurav kya mujhe govt.job mel sakti h es sal. . .021/04/1990 10:05am jaipur
Reply 2018-05-04 17:44:35.0
Vinay I like this information
Reply 2018-04-25 10:46:06.0

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