Mahadasa शब्द का अर्थ है वह विशेष समय जिसमें कोई ग्रह अपनी प्रबलतम अवस्था में होता है, और Kundli में अपनी स्थिति के अनुसार शुभ-अशुभ फल देता है ।

आज हम बात करेंगे Jupiter यानी की Jupiter की महादशा की, अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में गुरु की Dasa या Antardasa चल रही हो तो उसके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

Jupiter, जिन्हें "प्रार्थना या भक्ति का स्वामी" माना गया है, Vedic Astrology में बृहस्पति ताकतवर व सबसे उदार ग्रह है। बृहस्पति धनु और मीन Rashi का स्वामी है, तथा साथ ही पुनर्वसु, विशाखा और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्रों का भी स्वामी है | हमारी Kundli में Jupiter का विशेष स्थान रहता है।

कुंडली में Jupiter Grah की स्तिथि से व्यक्ति बैंक, आयकर, जज, न्यायालय, वकील, सम्पादक, प्राचार्य, शिक्षाविद, शेयर बाजार,न्यायाधीश, वकील, मजिस्ट्रेट, ज्योतिषी आदि क्षेत्र में जाते है |

Jupiter वैवाहिक जीवन व भाग्य का Kaarak Grah है, अगर कुंडली में Jupiter ग्रह उच्च भाव में और मजबूत है तो व्यक्ति बहुत प्रगति करता है. और जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करता है |

लेकिन अगर Jupiter कमजोर है तो व्यक्ति घोर कष्ट भोगता है। पत्नी से वियोग होता है, संतान के कारण उसे अपयश मिलता है ।

Jupiter गृह बारह महीनों में चार महीने वक्री रहता है, और Kundli में Jupiter की दृष्टि जिन भावों पर होती है, उस Bhav से सम्बन्धित उत्तम फल की प्राप्ति होती है | लेकिन जिस भाव मे यह स्थित होता है, उस भाव की हानि करता है |

जब भी Jupiter गृह की Dasa चलती है, तब नौकरी में पदोन्नति होती है | व्यक्ति ख्याति प्राप्त करता है | बड़े -बड़े वरिष्ठ अधिकारियो से उसके मित्रतापूर्ण सम्बन्ध स्थापित होते है | एवम विदेश जाने का अवसर बनता है | चुनाव में विजय होकर उच्च पद भी प्राप्त कर सकता है | राज्य में अधिकार प्राप्त होता है | बुद्धि का विकास, आदर , साहस, नम्रता, विजय,सबको लाभ पहुचाने वाले कार्यो की और प्रवत्ति, राजकार्यो में चतुरता, अच्छी सलाह देना, न्यायपरायणता, सोना, वाहन, वस्त्र प्राप्ति, राजा तथा बड़े महात्माताओ से आदर तथा उत्तम विचारो से प्रसन्नता इत्यादि बाते प्राप्त होती है |

Jupiter को शुभता, सत्यता, न्याय, सद्गुण व सुख देने वाला गृह माना गया है |

और किसी भी जातक की Kundli में बृहस्पति 16 साल के लम्बे समय के लिए रहता है। यह समय गुरु की Mahadasa कहलाती है |

"Mahadasa" व्यक्ति के जन्म समय से निर्धारित होता है। जिस ग्रह की Mahadasa के अंतर्गत जातक का जन्म हुआ होता है उसके अगले क्रम में अन्य ग्रहों की महादशाएं आती रहती हैं।

Jupiter की १६ वर्ष की Mahadasa के प्रारम्भ में जातक को राजपूज्यता तथा धन प्राप्त होता है, मध्य में -- पुत्रादि लाभ होते है और अंत में - कष्ट होते है |

  • और अगर आपकी Kundli में गुरु की महादशा में गुरु की ही Antardasa - इस दशा में व्यक्ति को वस्त्र, मोटर, आभूषण, मकान आदि की प्राप्ति होती है, और यदि Guru भाग्येश और कर्मेश से युक्त हो तो स्त्री, पुत्र और धन का लाभ होता है. और यदि गुरु नीच राशि का हो तो दुःख, कलह, हानि, कष्ट और पुत्र- स्त्री का वियोग होता है.
  • और अगर Jupiter आपकी Kundli में षष्ठ स्थान में हो तो व्यक्ति को उसकी Dasa में फल - प्रथम निरोगता, पुत्र स्त्री लाभ और अंत में स्त्री, धन हानि तथा चोर आदि से भय होता है |
  • और अगर Jupiter आपकी Kundli में अष्ठम स्थान में हो तो व्यक्ति को उसकी दशा में फल - सुख तथा अपने बंधुओ की हानि, स्थान हानि, विदेश गमन, अनेक स्त्री, राजसम्मान, पुत्रादि लाभ, राजपुत्र से सम्मान इत्यादि |
  • और अगर Jupiter आपकी Kundli में द्वादश स्थान में हो तो व्यक्ति को उसकी Dasa में फल -वाहन आदि मिलते है तथा अनेक प्रकार के क्लेशो से दबकर विदेश गमन होता है |

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anil meri kundli mi bhudh kese hi
Reply 2018-07-04 12:09:03.0
Disha Kundali
Reply 2018-06-23 14:09:05.0
Maheshkumar vispute nice
Reply 2018-05-12 09:31:47.0
Manuj Mohata 13-9-1985- 6.29am Bikaner Rajasthan kis chiz Ka business sabse jayeda sussfull hoga mereliye or Mera lucky stone konsa hai bataye
Reply 2018-05-04 13:50:37.0
Kamleshcohan Good
Reply 2018-05-03 16:12:55.0

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