संसार मे जब भी कोई जन्म लेता है या लेती है तो उसका भविष्य उसकी Kundli के द्वारा निर्धारित किया जाता है.

Kundli, ज्योतिष की भाषा में कुंडली को व्यक्ति के जीवन का आइना कहा जाता है।

Kundli के ग्रहों का आपके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ रहा है, या आने वाले समय में क्या प्रभाव पड़ेगा , ये बात आपके जीवन पर साफ प्रदर्शित होती है।

कहते है की व्यक्ति की Kundli को देखकर उसके जीवन के विषय में बहुत कुछ या कह लीजिए लगभग सब कुछ जाना जा सकता है। की उसका Bhavishya कैसा होगा, वर्तमान कैसा है और अतीत कैसा रहा होगा, आदि बाते कुंडली को देखकर पता लग सकते हैं।

किसी भी व्यक्ति की Janam Kundli ही उसके जीवन के गहरे रहस्यों के साथ-साथ आने वाली परेशानियों को भी उजागर कर सकती है।

क्यूंकि Vedic Astrology के अनुसार व्यक्ति के व्यवहार और व्यक्तित्व में हो रहे बदलाव की जिम्मेदार उसकी राशि और गृह Nakshatr रहते हैं. ऐसे में गृहों और नक्षत्रों की चाल बदलने से किसी भी व्यक्ति का अच्छा समय बुरे में और बुरा समय अच्छे में तब्दील हो सकता है.

लेकिन उसके लिए Kundli के ग्रहों की बैठकी, उनकी स्थिति और दृष्टि के आधार पर बुरे और अच्छे समय का निर्धारण होता है।

अगर आपकी Kundli में गृह शुभ हो तो वो शुभ फल देते है और अशुभ हो तो अशुभ फल.

कहा जाता है की यदि किसी व्यक्ति की Kundli में कोई ग्रह अशुभ स्थिति में हो तो व्यक्ति का भाग्योदय नहीं हो पाता है।

कुंडली में Shani, मंगल, Rahu और Ketu... ये उन ग्रहों के नाम हैं जो किसी भी व्यक्ति को भयभीत कर सकते हैं। और अगर किसी को यह पता पड़ जाए कि उसकी कुंडली में इन ग्रहों की स्थिति सही नहीं है, उसकी तो रातों की नींद ही उड़जाती है ।

अब बात करते है Mangal Grah की ,

कुंडली में Mangal Grah , मंगल गृह के नाम से ही लोग डरते हैं, जबकि ऐसा नहीं है क्यूंकि जिसका नाम ही मंगल हो वह अमंगल कैसे कर सकता है। यह ग्रह उग्र जरूर है लेकिन अशुभ नहीं।

Vedic Astrology के अनुसार मंगल एक महापराक्रमी ग्रह है। इसका कर्क, वृश्चिक, मीन तीनों राशियों पर अधिकार है।यह लड़ाई-झगड़ा, दंगाफसाद का प्रेरक है।

वैसे तो Kundli में हर ग्रह शुभ और अशुभ फल देते हैं , ऐसे ही मंगल भी दोनों तरह के फल देता है।

किसी की भी कुंडली में Mangal का भाव एक ऐसी Dasha है जो व्यक्ति को प्रसिद्धि और सम्मान की ऊंचाइयां भी दे सकता है, वहीं उसकी बदनामी का कारण भी बन सकता है।

क्यूंकि मंगल की उच्च दशाएं या शुभ दृष्टि व्यक्ति को साहसी, पराक्रमी और अपने कार्यों में दक्ष बनाती हैं, वहीं कमजोर या अशुभ मंगल व्यक्ति को दब्बू या क्रूर भी बना सकती है।और इसकी अशुभ स्तिथि से पित्त, वायु, रक्तचाप, कर्णरोग, खुजली, उदर, रज, बवासीर आदि रोग होते हैं।और अगर Kundli में मंगल नीच का है तो ये तबाही कर देता है।

ऐसे में अगर किसी व्यक्ति का समय बुरा चल रहा हो,  और उसकी Kundli में ग्रहो की Dasha और स्तिथि सही न चल रही हो तो, उसको Kundli के हिसाब से रत्न पहनने की सलाह दी जाती है.

अर्थात कुछ ग्रह हमारी कुंडली के अशुभ Maarak Grah होते हैं और उनकी भूमिका हमें समस्या, संघर्ष और कष्ट देने की ही होती है अब यदि ऐसे ग्रह का Ratan धारण कर लिया जाये तो वह अशुभ Maarak Grah ग्रह भी बलवान हो जायेगा जिससे वह और अधिक समस्याएं नहीं देगा।

क्यूंकि भले दिखने में रत्न एक मामूली पत्थर दिखाई देते हैं. लेकिन, इनकी ताकत को समझ पाना सबके बस की बात नहीं है. क्यूंकि हर Ratan की अपनी ख़ास मानयता है. अगर अशुभ ग्रह से संबंधित रत्न धारण कर लिया जाए तो बुरे समय से छुटकारा मिल सकता है.

रत्नों के जरिए ग्रहों के प्रभाव को कम, नियंत्रित या फिर कमजोर पड़ रहे ग्रहों के पॉवर को बढ़ाया भी जा सकता है। विभिन ग्रह के लिए रत्न एक अच्छी एस्ट्रो रेमिडी के तौर पर प्रयोग किए जा सकते हैं।

लेकिन जिस तरह हमारी Kundli में अलग-अलग ग्रह मौजूद होते हैं, और उनका अलग अलग प्रभाव और स्तिथि होती है ठीक उसी तरह उन अलग-अलग ग्रहों से संबंधित रत्न भी अलग-अलग होते हैं।

वैसे तो Mangal Grah के लिए Moonga ratan बताया गया है लेकिन मंगल ग्रह को मकान, भूमि, सेना, प्रशासन, रक्त का परिचायक माना गया है। इसलिए बिना किसी योग्य व्यक्ति की सलाह लिए Moonga ratanधारण नहीं किया जाना चाहिए। क्यूंकि रत्न धारण करने के लिए हमेशा कुंडली का सही निरिक्षण अति आवश्यक है ! यदि हम ऐसा नहीं करते तो रतन को धारण करना नुक्सान दायक हो सकता है

और साथ ही में रत्न पहनने से पहले शुभ दिन और शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है। क्यूंकि Mangal Grah को क्षत्रीय ग्रह माना गया है इसीलिए उसके लिए उपयोगी रत्न मूंगा को ऊर्जा, आत्मविश्वास, साहस और बल का प्रतीक करार दिया गया है। मूंगा धारण करने से साहस बढ़ता है लेकिन अगर कुंडली दिखाए बिना मूंगा धारण कर लिया जाए तो यह दुर्घटना का कारक भी बन सकता है।

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rachna jain i want to see my kindali
Reply 2018-06-30 21:24:50.0
Sonu sharma Dob 23 01 1980 Evening 5. 45 Meerat
Reply 2018-06-30 18:22:59.0
Baljeet singh rana nice
Reply 2018-06-08 16:51:00.0
Roshni modi I want too now why my work is not happening.my married life is so destab
Reply 2018-06-08 15:55:20.0
Lalit Kumar jain अति उत्तम और सारगर्भित जानकारी।
Reply 2018-05-24 13:03:59.0

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